कम लगत में कीजिये सौंफ की खेती, जो बम्पर मुनाफा देगी, जानिए खेती को करने के बारे में

अगर आप खेती करने के बारे में सोच रहे है तो सौंफ की खेती कीजिये जिससे आपको अच्छा मुनाफा होगा और इसकी खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है लेकिन सौंफ की खेती के लिए दोमट मिट्टी सर्वोत्तम मानी जाती है। इसके अलावा आप चुने से युक्त बलुई मिट्टी में भी इसकी खेती की जा सकती है। इसकी अच्छी फसल लेने के लिए उचित जल निकासी वाली भूमि होना आवश्यक है। रेतीली मिट्टी में इसकी खेती नहीं की जा सकती है। और इस खेती को करने से मुनाफा होता है क्योकि मार्किट में इसकी डिमांड भी ज़्यादा है योकि नार्मल खाने के साथ मसलो में भी उपयोग किया जाता है आइये इस आर्टिकल के बारे में जानते है

सौंफ की खेती के लिए ऐसे करे खेत की तैयारी :-


सौंफ की खेती करने के लिए सबसे पहले खेत की जुताई कर ले। और इसकी पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से तथा बाद में तीन से चार जुताई हल या कल्टीवेटर से कर के खेत को समतल बनाकर पाटा लगाते हुए एक सा बना लेना चाहिए। और आखिरी जुताई में 150 से 200 टन गोबर की सड़ी हुई खाद को मिलाकर खेत को पाटा लगाकर समतल कर लेना चाहिए । और इसके अलावा बीजों की बुआई करने के 30 और 70 दिन के बाद फास्फेट की 40 किलोग्राम मात्रा प्रति हेक्टर में डाल देना चाहिए।

सौंफ की बीज बुवाई :-


बीज द्वारा सीधे बुवाई करने पर लगभग 9 से 12 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर बीज लग जाता है। और अक्टूबर माह बुवाई के लिए सबसे उचित माना जाता है। लेकिन 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक बुवाई कर देना चाहिए। बुवाई लाइनों में करना चाहिए और इसके आलावा छिटककर बुआई भी की जाती है। सौंफ की रोपाई में लाइन से लाइन की दूरी 8 सेंटीमीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 45 सेंटीमीटर होना चाहिए।

सौंफ की रोपाई कैसे करे :-


सौंफ की रोपाई करने पर लगभग 3 से 4 किलोग्राम प्रति हेक्टर बीज लगता है। और रोपाई के लिए बीजों को नर्सरी में पौधे तैयार करने के लिए100 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होती है। जब पौध 5 सप्ताह की हो जाए तब पौध खेत में रोपण कर देना चाहिए इसके बीजों को जून या जुलाई के महीने में बोए जब बीजों में अंकुरण हो जाए तो खेत में रोपित कर देना चाहिए और इसके आलावा सौंफ के बीजों को सीधे खेत में बो सकते हैं। लेकिन यदि इसके पौधों को नर्सरी में तैयार करके पौधों की बुवाई करें तो इससे हम अधिक और अच्छी गुणवत्ता वाली सौंफ प्राप्त की जा सकती हैं और पौधा छोटा रहता है जो हवा से भी गिरने का डर नहीं रहता है।

सौंफ की खेती में सिंचाई:-


सौंफ की फसल में पहली सिंचाई बुवाई के 5 या 7 दिन के अंतर पर कर देना चाहिए। और सौंफ की फसल की पहली सिंचाई करने के बाद 15-15 दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए। और सिंचाई करते समय इस बात का ध्यान रखे की खेत में पानी का भराव नही होना चाहिए। और यदि खेत में पानी भर जाता है तो उससे फसल और उसके बीज को हानि पहुंचती है। इसलिए खेत में जल निकास की अच्छी व्यवस्था होना चाहिए

सौंफ के फसल की कटाई :-


सौंफ की फसल 3 से 4 महीने में पककर तैयार हो जाती है और उसके बाद स्की कटाई की जाती है उसके बाद सौंफ को 8-10 दिन तक छाया में सुखाया जाता है। और इसके बाद एक या दो दिन तक धूप में सुखाया जाता है। इसके बीजों को लंबे समय तक धुप में नही सुखना चाहिए नहीं तो इससे सौंफ की गुणवत्ता में कमी आ जाती है।

सौंफ की खेती में कितनी लगेगी लगत और कितनी होगी कमाई :-



इसकी खेती को करने के बाद इसमे कम से कम फ की उपज 10 से 15 क्विंटल प्रति हेक्टर होती है और मिली हुई जानकारी के अनुसार आपको बता दे की यदि किसान एक हेक्टेयर में सौंफ की खेती करते हैं तो उसमें करीब 20-30 हजार रुपए तक का खर्चा आ जाता है। यदि इस हेक्टेयर की फसल को बेचा जाए तो इससे किसानों को करीब 2 लाख रुपए की तगड़ी कमाई कर सकते है।

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