कपास की खेती को कर किसान भाई अधिक मुनाफा को कमा सकते है जाने इसे करने की जानकारियों के बारे में

आज हम आपको कपास की खेती को करने के तरीके के बारे में बताने जा रहे है और जुडी हुई जानकारियों के बारे में हम आपको बतायेगे क्योकि कपास की खेती करने से किसानो को काफी मुनाफा होता है और कपास बहुत चीजों के लिए उपयोगमें आता है और इसे किसानी भाषा में सफ़ेद सोना के नाम से भी जाना है और पुरे देश में कपास के लिए हमारा भारत देश सबसे बाद उत्पादक देश है। क्योकि कपास की मार्किट में बहुत ज्यादा मात्रा में मांग होती है और किसान भाइयों, मई के महीने से कपास की बुवाई शुरू हो जाती है। कपास की खेती सिंचित और असिंचित दोनों प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है। कपास की खेती करके किसान अपनी आय को दो गुना बढ़ा सकते है।

कपास लगाने के लिए मिट्टी :-



कपास की खेती करने के लिए इसका पी एच मान 6-8 होती हैऔर इस फसल की पैदावार के लिए गहरी, नर्म, अच्छे निकास वाली और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। और कपास की बिजाई के लिए रेतली, खारी या जल जमाव वाली ज़मीने ठीक नहीं होती। और मिट्टी की गहराई 20-25 सैं.मी. से कम नहीं होनी चाहिए।

ज़मीन की तैयारी :-


कपास की पैदाबार अच्छी करने के लिए उसकी जमीन भी अच्छी होना चाहिए और रबी की फसल को काटने के बाद तुरंत खेत को पानी लगाना चाहिए। और इसके बाद खेत की हल से अच्छी तरह जोताई करें और फिर सुहागा फेर देना चाहिए और ज़मीन को तीन सालो तक गहराई तक जोतें, इससे सदाबहार नदीनों की रोकथाम में मदद मिलती है और इससे मिट्टी में पैदा होने वाले कीड़ों और बीमारियों को भी रोका जा सकता है।

खेतो बीज की मात्रा :-


कपास की विभिन्न प्रकार की किस्मे है और बीज की मात्रा बीजों की किस्म, उगाये जाने वाले इलाके, सिंचाई आदि पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है। अमेरिकन हाइब्रिड कपास के लिए 1.5 किलो प्रति एकड़ जबकि अमेरिकन कपास के लिए बीज की मात्रा 3.5 किलो प्रति एकड़ होनी चाहिए। देसी कपास की हाइब्रिड किस्म के लिए बीज की मात्रा 1.25 किलो प्रति एकड़ और कपास की देसी किस्मों के लिए 3 किलो प्रति एकड़ होनी चाहिए। और सरकार द्वारा प्रोत्साहन मिलने से भी कई किसानों ने इसकी खेती की तरफ अपना रुख किया है. अब वह मोटा मुनाफा कमा रहे हैं.

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