किसानों की तिजौरी में पैसो की बारिश कराएगी तिल की खेती, कम समय में बनाएगी गरीब किसानों को मालामाल

आज के समय हर किसान की यह उम्मीद होती है कि वह कम समय में ज्यादा मुनाफ को कमा सके आज हम आपको तिल की खेती को करने के बारे बताने जा रहे जिससे देश की बड़े पैमाने पर खाया तेलों का आयात किया जाता है। इस तेल को खाने से लेकर पूजा पथ में उपयोग किया जाता है और राजस्तान में खरीफ की फसल के साथ तिलहनी फसलों की भी खेती की जाती है।

तिल की उन्नत किस्में

आर.टी. 46, आर.टी. 125, आर.टी. 127, आर.टी. 346, आर.टी. 351 हैं. ये किस्में 78 से 85 दिनों में पककर तैयार हो जाती हैं. और इससे 700 से 800 किलो प्रति हेक्टेयर बीज मिल सकता है। जिससे आपको तगड़ा मुनाफा होगा।

तिल की खेती के लिए जमीन

तिल की खेती करने के लिए हमे अधिक खरपतवार वाली जमीन के लिए गर्मियों में एक गहरी जुताई जरूरकरना चाहिए और मानसून की पहली बारिश आते ही 1-2 बार खेत की जुताई करके जमीन तैयार कर लेंना चाहिए और ये कम से कम 3 वर्षों में एक बार 20-25 टन गोबर की खाद प्रति हेक्टेयर इस्तेमाल करते है।

तिल की खेती में बुवाई की प्रोसेस

तिल की खेती के लिए हमे प्रति हेक्टेयर 2 से 2.5 किग्रा की जरुरत होती है और तिल की बुवाई मानसून की पहली बारिश के बाद जुलाई के पहले हफ्ते में की जाती है। इसे 30 से 45 सेमी कतार से कतार की दूरी और 10से 15 सेमी पौधे से पौध की दूरी पर लगाया जाता है और बुबाई करने से पहले जीवाणु अंगमारी रोग से बचाने के लिए बीजों को 2 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन का 10 लीटर पानी में घोल बनाकर 2 घंटे तक बीजोपचार करें और बीजों को छाया में सुखाकर ही बुवाई करना चाहिए। तिल में कीटों से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड 70 डब्ल्यू.यू.एस 7.5 ग्राम प्रति किग्रा बीज को उपचारित कर बुवाई की जाती है।

तिल की खेती में सिचाई

जानकारी के लिए बता दे तिल की खेती में नमी की कमी होने पर फलियों में दाना पड़ने की अवस्था होती है जब सिंचाई की जाती है और बोने के 20 दिनों बाद निदाई गुड़ाई कर सकते है और इस मौसम में तिल की फसल को ज्यादा सिचाई की जरुरत भी नहीं होती है और जुलाई में इसकी बोनी होने के बाद बारिश के पानी से ही इसकी सिचाई पूरी हो जाती है।

तिल की खेती में मुनाफा

तिल की खेती से होने वाली कमाई के बारे बताया जाये तो आपको बता दे तिल की खेती में लगभग 20 से 25 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की लागत आ जाती है। और हम इसके कमाई की बात करे तो इसका का बाजारी भाव 10 से 12 हजार रुपए प्रति क्विंटल के बीच ही रहता है। इसके हिसाब से किसान 1 हेक्टयर के खेत से लगभग 1 लाख रुपए आसानी से कमा सकते है।

Digambar

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