मध्यप्रदेश के इन गेहूँ को माना जाता है उन्नत किस्मों का गेहूँ, जानिए इनके उत्पादन के बारे में

यदि आप भी किसान हैं और गेहूं की खेती करते हैं तो इस स्टोरी में बने रहे। क्योंकि हम आपको गेहूं की कुछ उन्नत किस्मों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें आप अपने खेतों में एक सीजन बुवाई करके अपने भण्डार को अन्न से भर सकते हैं। रबी सीजन की बुवाई आते ही किसान अच्छी किस्म के बीजों की तलाश में जुट जाते हैं। हर किसान यह चाहता है कि वह अच्छे से अच्छा बीज की बुवाई अपने खेतों में करें, ताकि अच्छा उत्पादन मिल सके। अच्छे बीजों की जानकारी के लिए किसान जानकार से सलाह भी लेते हैं। लेकिन कई बार उन्हें सही सलाह नहीं मिल पाती है। आखिर में उन्हें जो बीज मिल जाता है उसे ही अपने खेतों में बो देते हैं, नतीजा। बराबर उत्पादन नहीं मिल पाता और मेहनत भी जाया जाती है। यदि आप भी किसान हैं तो और अपने खेतों में गेहूं की बुवाई करते हैं तो इस स्टोरी में बने रहे। क्योंकि हम आपको गेहूं के उन्नत किस्मों से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

लोकवन (lokone)

लोकवन (Lokone) गेहूं का उत्पादन 40 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताया जाता है। यह 100 दिनों में पूरी तरह से पक जाता है। इसे ज्यादातर किसान बुवाई में लेटलतीफी होने जाने के चलते करते हैं। लोकवन गेहूं काला धब्बा रोग से ज्यादा प्रभावित होता है।

डीबीडब्ल्यू (DBW 187)

गेहूं की इस किस्म को करनाल अनुसंधान संस्थान के द्वारा साल 2019 में तैयार किया गया था। गेहूं की यह किस्म पीली एवंभूरी रोली प्रतिरोधी की तरह दिखती है। जिसमें उच्च लौह तत्व के साथ चपाती की गुणवत्ता पाई जाती है। यह गेहूं 120 दिनों में पूरी तरह से पककर तैयार हो जाता है। यानी कि कुल 4 माह का समय लेता है। इस गेहूं का प्रति हेक्टेयर उत्पादन 60 से 65 क्विंटल के बीच बताया जाता है। इस गेहूं का पौधा लगभग 100 सेमी तक बढ़ता है।

एचआई HI-1620 (पूसा गेहूं 1620)

गेहूं की इस वेरायटी को भारतीय अनुसंधान क्षेत्रीय केन्द्र इंदौर में साल 2019 में तैयार किया गया था। जिसके 1000 दाों का वजन करीब 40 से 45 ग्राम तक होता है। इसके गेहूं की रोटी बेहद अच्छी होती है। यह गेहूं पकने में 125 व 140 दिन का समय लेता है।

डब्ल्यू एच147 (WH-147)

इस गेहूं के दाने बेहद सख्त व चमकीले होते हैं। यह गेहूं बुवाई से लेकर सिंचित क्षेत्रों तक बेहद अच्छा माना जाता है। इसका आकार बड़ा होता है। यह बाजार का सबसे अच्छा गेहूं में से एक है। इस गेहूं की रोटी को लोग खूब पसंद करते हैं। यह गेहूं 125 से लेकर 130 दिनों तक में पूरी तरह से पककर तैयार हो जाता है।

एचडी HD-3086 (पूसा गौतमी)

गेहूं की इस वेरायटी को भारतीय अनुसंधान क्षेत्रीय केन्द्र इंदौर द्वारा साल 2019 में विकसित किया गयाा था। जिसके 1000 हजार दानों का वजन 40 से 50 ग्राम तक होता है। इस गेहूं के चपाती बेहद अच्छी आती है। यह गेहूं पकने में 125 से लेकर 140 दिन का समय लेता है।

Digambar

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