केंद्र सरकार ने किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान या कुसुम योजना(Kusum Yojana) की घोषणा की है। इसका उद्देश्य भारत में सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना और किसानों को सौर खेती के लाभ प्रदान करना है। पीएम कुसुम योजना में किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है। यह सब्सिडी केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार दी जाती है। हर राज्य में सब्सिडी का रेश्यो अलग होता है। इस योजना की सहायता से किसान सोलर पंप लगाकर बंजर जमीन में भी खेती कर सकते हैं। आइये विस्तार से जानते हैं इस योजना के बारे में।

क्या है पीएम कुसुम योजना(PM Kusum Yojana)

किसानों के बिजली जैसे खर्च को कम करने के लिए पीएम कुसुम योजना की शुरुआत हुई। जिसमें किसान सब्सिडी लेकर सोलर पंप की स्थापना करेंगे। इसके जरिये बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इससे बिजली के साथ ही सिंचाई की सुविधा का भी लाभ मिलेगा। कुसुम योजना का लक्ष्य 2030 तक गैर-जीवाश्म-ईंधन स्रोतों से विद्युत ऊर्जा की स्थापित क्षमता की हिस्सेदारी को 40 प्रतिशत तक बढ़ाना है। यह प्रदान करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी पहलों में से एक है किसान अपने कृषि पंपों का सौर ऊर्जाकरण करके नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं।




कितनी मिलती है सब्सिडी

केंद्र सरकार किसानों को कुल खर्च का 45 फीसदी तक सब्सिडी के तौर पर दे सकती है। इस योजना के तहत सोलर पंप लगाने पर सब्सिडी का लाभ लेने के इच्छुक किसानों के पास 4 से 5 एकड़ जमीन होनी चाहिए। इतनी जमीन से वे महज एक साल में संभावित रूप से 15 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। किसान खेती के साथ-साथ इस बिजली को बेचकर भी अच्छी खासी आमदनी कमा रहे हैं।

डॉक्यूमेंट की जरुरत और आवेदन की प्रोसेस

योजना में सोलर पंप लगवाने के लिए किसान को कुछ डॉक्यूमेंट जमा करवाने होते हैं। इस योजना के लिए किसान को आधार कार्ड, राशन कार्ड , आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक की पासबुक कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और किसान को अपने जमीन के दस्तावेज की कॉपी जमा करनी होती है। किसान अपने राज्य के किसान पोर्टल पर पीएम कुसुम योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऊर्जा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी किया जा सकता है।

Sumit

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