प्याज की पोथ (गठान) को बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए, जानिए प्याज़ की खेती करने के बारे में

अगर आप प्याज़ की खेती को करना चाहते है और प्याज़ की खेती के लिए नाइट्रोजन और फास्फोरस के अलावा सूक्ष्म पोषक तत्वों को भी नजरंदाज न करें. क्योकि ऐसा करेंगे तो फसल को पूरा पोषक तत्व म‍िलेगा और ग्रोथ अच्छी होगी.और प्याज़ की गठान अच्छी तरह से बढ़ जाती है और प्याज की खेती करने वाले किसान पैदावार में वृद्धि करने के लिए क्या कुछ नहीं करते. और फिर भी कई बार किसानों को उचित पैदावार नहीं मिल पाता है और इसके कई कारण हो सकते हैंऔर जिनमें से एक है प्याज के कंदों के आकार में कमी. कंद का आकार ज‍ितना बड़ा होगा उतना ही क‍िसान को फायदा होगा और प्याज के कंद यानी गांठ के आकार में वृद्धि के लिए पौधों का हरा-भरा एवं स्वस्थ होना आवश्यक है

प्याज़ की फसल कितने दिन में आती है :-


प्याज की खेती 70 से 80 दिन आ जाती है और कोई फर्टिलाइजर न डालें अगर आप इतने वक्त बाद खाद डालते हैं तो उसको प्रोसेसिंग करके पौधे को पहुंचने तक ज्यादा लेट हो जाता हैऔर इसमें प्याज़ से कड़ा हटाने के लिए उसमे मेडिसिन को घोल को डाला जाता है जिससे रोग नाशक जीव मर जाते है

कब करना चाहिए फर्टिलाइजर स्प्रे :-


आप जानते है की प्याज की खेती के 90 दिन के अंदर अगर आपके प्याज की फसल अच्छी है और पौधे के पत्ते हरे भरे हैं और कोई पौधा मरा हुआ नहीं हैऔर देखने में अच्छा है तो आपको अलग से दूसरा कोई फर्टिलाइजर देने की जरूरत नहीं है और उसी के साथ 1 लीटर पानी में 1 ग्राम बोरोन के साथ 90 से 100 दिन के अंदर अंदर स्प्रे करना है

प्याज की ग्रोथ कैसे बढ़ाएं :-




प्याज़ की खेती में नियमित रूप से पानी देना चाहिए और प्याज़ को पड़ने किसी भी प्रकार की कमी न आये और पैदावार में वृद्धि के लिए बुवाई के करीब 30 दिनों बाद खड़ी फसल में यूरिया का छिड़काव करें. अच्छी फसल के लिए प्रति एकड़ खेत में 3-4 टन कंपोस्ट खाद मिलाएं. साथ ही खरपतवार का न‍ियंत्रण भी करें. कंद में वृद्धि के लिए खरपतवार पर नियंत्रण करना आवश्यक है. खरपतवार की अधिकता होने पर पौधों को उचित मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिलते हैं.

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