सफ़ेद नहीं ,हरी नहीं कलर वाली गोभी की खेती को कर किसान भाई अंधाधुन्द मुनाफा को कमा सकते है, जानिए इस खेती को करने के बारे में

अकसर ये गोभी पहाड़ी क्षेत्रों में पायी जाती है और और इस फसल को आने में 70 से 80 दिनों में आ जाती है। और ये फसल हमारे भारत में भी की जाने लगी है और इस फसल क खेती करने के बहुत सारे फायदा होते है और ये सब्जी की मार्केट में बहुत ही डिमांड है इसलिए इस खेती को करने से किसानो को बम्पर मुनाफा होता है अब हम आपको गोभी की खेति को बारे में,और सर्दियों में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां गोभी की सब्जी ना बनाई जाती हो.और आप सभी ने सफेद गोभी के बारे में तो सुना होगा और खाया भी होगा, और हरी भी गोभी को भी खाया होगा अब बहुत से रंग की गोभी मार्किट में देखने को मिलती है ऐसी गोभी कीऔर अब इस खेती अब पहाड़ों में भी होने लगी है. उत्तराखंड के भीमताल के पॉलीहाउस में रंग-बिरगी गोभी उगाई जा रही है.

खेती में करते हैं नया प्रयोग :-



इन दिनों भीम ताल के पॉलीहाउस में बैंगनी और पीले रंग की फूलगोभी लहलहा रही है और जो पहाड़ों के किसानों के लिए चर्चा का विषय बनी चुकी है औरकिसान कुन कुछ नया प्रयोग करते ही रहते है और उन्होंने बताया कि लौकी की फसल में प्रयोग करने के बाद इस बार वो कलरफुल गोभी का सफल उत्पादन कर रहे हैं.

ये फसल कितने दिनों में बनकर तैयार होती है :-


रंगीन गोभी का स्वाद ब्रोकली जैसा है.और इसे भी उसी तरह से बनाया जाता है और इसकी फसल करने भी आसान होता है और इसकी फसल लगभग 70 से 80 दिनों में तैयार हो जाती है और वहीं इस गोभी का वजन मार्किट में लगभग 01 से 02 किलो के बीच होता है.और इस गोभी को लगाने के लिए सही समय अगस्त या सितंबर महीने में लगा सकते हैं, जो दिसंबर महीने में तैयार हो जाती है. फिर यह तो वह फरवरी महीने तक उसमे से गोभी निकलती ही रहती है

ये गोभी में भी पोषक तत्व :-


इस गोभी में पोषक तत्वों की दृष्टि से भरपूर होती है,और इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्निशियम और जिंक पाया जाता है.और इस गोभी को खाने से इम्युनिटी बढ़ती है. यह ब्रोकली की एक प्रजाति है. ये फूलगोभी दिखने में हरी होती है लेकिन स्वाद में अंतर होता है. यह गोभी कई बीमारियों में लाभदायक मानी जाती है.

Upasana

Upasana

Next Story