प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन चार एस्ट्रोनॉट्स के नामों की घोषणा की जो देश के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन 'गगनयान' के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह घोषणा केरल के तिरुवनंतपुरम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र अनुसंधान संस्थान की प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान की गई थी। बता दें की "गगनयान" भारत का पहला मानव मिशन होगा।

प्रधानमंत्री ने खुद पहनाए एस्ट्रोनॉट विंग्स

प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में एक कार्यक्रम के दौरान अंतरिक्ष उड़ान के लिए चुने गए चारों एस्ट्रोनॉट को अपने हाथों से एस्ट्रोनॉट विंग्स पहनाए। मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन का लक्ष्य तीन सदस्यीय दल को कम पृथ्वी की कक्षा में लॉन्च करना और तीन दिनों के बाद उन्हें वापस लाना है। मिशन के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस में भी प्रशिक्षित किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे मिशन के दौरान स्वस्थ रहें। इस मिशन के लिए चारों पायलट ने रूस जाकर ट्रेनिंग की है। गगनयान मिशन में शामिल चार एस्ट्रोनॉट्स के नाम इस प्रकार हैं।

1. ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर।

2. ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन।

3. ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप।

4. विंग कमांडर सुभांशु शुक्ला।

जानिए "गगनयान मिशन" के बारे में

गगनयान मिशन भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है, जिसे 2024-2025 के बीच लॉन्च करने का लक्ष्य है। इस परियोजना में तीन मनुष्यों के एक दल को तीन दिवसीय मिशन के लिए 400 किमी की कक्षा में लॉन्च करने और भारतीय समुद्री जल में उतरकर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने की परिकल्पना की गई है। गगनयान मिशन सफल होता है, तो भारत उन देशों की एक खास लिस्ट में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने खुद मानव मिशन अंतरिक्ष यान लॉन्च किया है। वर्तमान में ऐसा मुकाम हासिल करने वाले देश केवल अमेरिका, रूस और चीन ही हैं।

Sumit

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