केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने अपनी पार्टी आरएलजेपी को बिहार में 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए कोई सीट आवंटन नहीं मिलने के बाद मंगलवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। यह कदम सोमवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में उनके भतीजे एलजेपी के चिराग पासवान के साथ सीट बंटवारे के बाद आया है। माना जा रहा है की एनडीए में सीट बंटवारे के बाद से वह नाराज चल रहे थे।

पशुपति कुमार पारस ने अपने बयान में कहा, “कल, एनडीए ने बिहार लोकसभा के लिए 40 उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की… हमारी पार्टी के पांच सांसद थे और मैंने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया… हमारे और हमारी पार्टी के साथ अन्याय हुआ है। इसलिए, मैं केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देता हूं, ” .

पशुपति कुमार पारस महागठबंधन में हो सकते है शामिल

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा चिराग पासवान के साथ सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिए जाने के कुछ दिनों बाद सोमवार को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। लोकसभा सीटों के बंटवारे की घोषणा के बाद पारस ने अपने सरकारी आवास पर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन में शामिल हो सकते है।

चिराग पासवान की एलजेपी को 5 सीटें मिलीं

एनडीए ने लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में अपने सीट-बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया, जिसमें घोषणा की गई कि भाजपा 17 सीटों पर, जेडीयू 16 सीटों पर और चिराग पासवान की एलजेपी पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बिहार एलजेपी (रामविलास) प्रमुख राजू तिवारी ने कहा कि चिराग पासवान हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जो 2024 के चुनावों के लिए सीट-बंटवारे समझौते के तहत पार्टी को दी गई है। चिराग पासवान के नेतृत्व वाली एलजेपी (रामविलास) को पांच सीटें दी गईं। फाइनल की गई सीटें जमुई, समस्तीपुर, हाजीपुर, वैशाली और खगड़िया हैं।

Sumit

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