भारत के मशहूर क्रिकेटर राहुल द्रविड़ का आज अपना 51वां जन्मदिन मना रहें है। राहुल द्रविड़ ने अपने क्रिकेट करियर में कई उपलब्धियां हासिल की है। राहुल द्रविड़ जब खेलने उतरते थे तो गेंदबाजों के सामने उनका विकेट लेना एक बड़ा चैलेंज होता था। खासतौर से टेस्ट क्रिकेट में द्रविड़ को टीम का अहम हिस्सा माना जाता है। राहुल द्रविड़ को "द वाल" के नाम से भी जाना जाता है उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में भारतीय क्रिकेट को बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

राहुल द्रविड़ का क्रिकेट करियर

उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत 1996 में श्रीलंका के खिलाफ खेलकर की थी। द्रविड़ का करियर 500 अंतरराष्ट्रीय मैचों तक फैला, जिसमें 164 टेस्ट, 344 वनडे और एक टी20ई शामिल थे। उन्होंने 79 एकदिवसीय और 25 टेस्ट मैचों में क्रमशः 42 और आठ जीत के साथ भारत का नेतृत्व किया है। उन्होंने अपने करियर में 24,000 से अधिक रन बनाए और भारतीय क्रिकेट टीम का एक प्रमुख चेहरा बन गए।




द्रविड़ ने 2012 में क्रिकेट से लिया रिटायरमेंट

द्रविड़ ने मार्च 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया और विभिन्न पदों पर खेल की सेवा करना जारी रखा। करियर से संन्यास लेने के बाद द्रविड़ ने कोच के रूप में भी पहले अंडर-19 भारतीय टीम और अब भारतीय टीम में भी अहम योगदान दिया है। वह वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में कार्यरत हैं और भारत की युवा प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोचिंग के अलावा, द्रविड़ ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) के प्रमुख के रूप में कार्य किया है।

Sumit

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