रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अब फोन निर्माण का यह आंकड़ा 2 बिलियन यानी 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है।

टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत विकास की राह पर है फोन निर्माण में देश प्रमुख भूमिका निभा रहा है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फोन निर्माता बन गया है। देश में लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाओं की पहल शुरू की है।

सैमसंग से लेकर नथिंग तक मेड इन इंडिया हैं स्मार्टफोन

मालूम हो कि भारत में स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का दौर काफी पहले शुरू हो गया था। स्मार्टफोन निर्माण में देश ने एक लंबा सफर तय किया है। पॉपुलर स्मार्टफोन कंपनियां सैमसंग, एपल, शाओमी, ओप्पो, नथिंग के स्मार्टफोन भारत में बनाए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में काउंटरप्वाइंट रिसर्च की एक नई रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अब फोन निर्माण का यह आंकड़ा 2 बिलियन यानी 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक शिपमेंट ने 23% सीएजीआर दर्ज किया है

काउंटरप्वाइंट रिसर्च की इस रिपोर्ट में सरकार की मेक इन इंडिया, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं का जिक्र है।

लोकल डिमांड हो रही है बेहतर तरीके से पूरी

काउंटरप्वाइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक के अनुसार देश में स्थानीय विनिर्माण साल दर साल बढ़ रहा है। देश में स्थानीय विनिर्माण के कारण स्थानीय मांग को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सका।

साल 2022 में भारतीय बाजार में मेड-इन-इंडिया डिवाइसेज की शिपमेंट 98% से ज्यादा रही है। साल 2014 में ये संख्या सिर्फ 19 फीसदी थी.

मेक इन इंडिया के बदौलत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र को मिली नई राह

देश में मेक इन इंडिया पहल की बात करें तो सरकार ने इस पहल में चरणबद्ध तरीके से विनिर्माण कार्यक्रम स्थापित किया है। सरकार ने देश के बाहर निर्मित इकाइयों पर आयात शुल्क बढ़ाकर स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहित किया।

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Bhanu Singh

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